पृथ्वी पर कुछ पर्वत हैं जो मानवीय क्षमता और प्राकृतिक शक्ति की मिसाल हैं। ये पांच चोटियाँ समुद्र सतह से सबसे ऊँची मानी जाती हैं।
Everest — शिखर-ए-फ़ना
Everest की ऊँचाई है 8,848.86 मीटर। नेपाल-चीन सीमा पर स्थित, पहली सफल चढ़ाई 1953 में Sir Edmund Hillary और Tenzing Norgay ने की थी।
K2 — साहस की कसौटी
K2 दूसरे स्थान पर है — 8,611 मीटर। यह पाकिस्तान-चीन सीमा पर स्थित है, और कठिन मौसम व तकनीकी कठिनियों के लिए बेहतरीन चुनौती माना जाता है।
कंचनज़ुंगा — पर्वतों की रानी
Kanchenjunga तीसरी सबसे ऊँची चोटी है, 8,586 मीटर। भारत-नेपाल की सीमा पर है, और इसकी प्राकृतिक सुंदरता व विविधता प्रसिद्ध है।
Lhotse — Everest का पड़ोसी
Lhotse चौथी सबसे ऊँची चोटी है, 8,516 मीटर। यह Everest के बहुत करीब स्थित है और अक्सर Everest Base Camp trek के मार्ग के साथ जुड़ी कहानियाँ होती हैं।
Makalu — चार-पक्षीय पिरामिड
Makalu पाँचवीं सबसे ऊँची चोटी है, 8,485 मीटर। Nepal-Tibet सीमा पर है। इसकी चोटी का आकार पिरामिड जैसा है और इसकी चढ़ाई तकनीकी रूप से मुश्किल मानी जाती है।
श्रम, जोखिम और मानव आत्मा की परीक्षा
ये पर्वत सिर्फ बुलंदियाँ नहीं—यह जीवन की सीमा, मौसम की मार, ऑक्सीजन की कमी और मानव धैर्य की परीक्षा हैं। हर सफल चढ़ाई एक प्रेरणा है।