महावतार नरसिंह ने 25 जुलाई 2025 को सिनेमाघरों में धमाकेदार रिलीज़ की और अब तक ₹250 करोड़ से भी अधिक का विश्वव्यापी कलेक्शन हासिल कर चुका है।
महावतार नरसिंह: पराक्रम और न्याय
विष्णु के दशावतारों में चौथा अवतार—नरसिंह (आधी मानव, आधा सिंह), अस्तित्व की सर्वोच्च शक्ति और भक्ति की रक्षा के प्रतीक।
हिरण्यकशिपु और प्रह्लाद की कहानी
हिरण्यकशिपुको मिला था अमरत्व का वरदान, लेकिन उनके अत्याचार पर सहन नहीं कर पाने वाले प्रह्लाद की भक्ति ने नारसिंह के अवतरण की प्रेरणा दी।
नारसिंह—न कोई मनुष्य, न वन्यचर
विष्णु ने ऐसा रूप धारण किया जो वरदान की शर्तों को चकनाचूर कर सके—संध्याकाल, प्रासाद की दहलीज पर, पंजों से, और गोद में रखकर राजा का विनाश किया।
अविश्वसनीय शक्ति और करुणा का आदर्श
यह अवतार केवल बल दिखाने के लिए नहीं, बल्कि सच्चे भक्त की रक्षा और धर्म की स्थापना के लिए था—वह प्रति भक्त को बचाने तैयार हैं।
अर्धनारसिंह की नौ मूर्तियाँ
आंध्र प्रदेश का अहोबिलम स्थान जहां नौ अलग-अलग नरसिंह रूपों की मूर्तियाँ हैं—समर्पण, भक्ति और शक्ति का जीवंत संगम।
नरसिंह जयंती और लोक कलाएं
नरसिंह अवतरण को वर्ष वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है—मन में धैर्य, भक्ति और न्याय की भावना जागृत करने वाला त्योहार। नाम/रूपों जैसे “डूम्रा-सिंहः”, “दीप्तरूपः” यह अवतार की विशिष्टता बताते हैं।