आयुर्वेद के 6 महान आचार्य 

धन्वंतरि, चरक, सुश्रुत, वाग्भट्ट, आत्रेय/अग्निवेश, कश्यप — जिन्होंने चिकित्सा के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया। 

धन्वंतरि — 'चिकित्सा के देवता' 

लोक मान्यता में, आयुर्वेद के देवता माना जाने वाला धन्वंतरि चिकित्सा परंपरा की शुरुआत का प्रतीक है, जो अमृत कलश लेकर आए थे। 

सुश्रुत — 'Father of Surgery' 

Sushruta Samhita में राइनोप्लास्टी, कैथरिक्स ऑपरेशन और 300 सर्जिकल प्रक्रियाओं का उल्लेख है। 

चरक — 'Father of Medicine' 

Charaka Samhita में उन्होंने रोगनिदान, आहार-विहार और त्रिदोष सिद्धांत का व्यवस्थित वर्णन किया। 

वाग्भट्ट — 'Ayurveda की त्रयी समेकनकर्ता' 

Ashtanga Hridaya ने चरक व सुश्रुत की चिकित्सा परंपराओं को संयोजित किया। 

आत्रेय/अग्निवेश एवं कश्यप 

आत्रेय/अग्निवेश ने Agnivesha Tantra लिखा, चरक द्वारा शामिल किया गया; कश्यप ने बाल और स्त्री रोग चिकित्सा को संवारा।