भारत से हांगकांग तक का सफ़र 

अनुष्मान राठ 2023 में हांगकांग लौटे तो उनका करियर खत्म होने की कगार पर था। 25 साल की उम्र में वे बीमा या रियल एस्टेट जॉब्स पर विचार कर रहे थे। 

भारत में कठिन दो साल 

ओडिशा के लिए खेलते हुए उनका आत्मविश्वास टूट गया। वे 20 किलो वज़न बढ़ा चुके थे, चोटों से जूझ रहे थे और क्रिकेट बोझ जैसा लगने लगा था। 

अकेलापन और संघर्ष 

टीम कल्चर और सीनियर-जूनियर गैप ने उन्हें तोड़ दिया। समर्थन की कमी और अपमानजनक माहौल ने उन्हें मानसिक रूप से कमजोर कर दिया।

गहरी निराशा का दौर 

एक समय तो उन्होंने खुद को चोटिल करने की कोशिश की ताकि खेल न पाना पड़े। क्रिकेट छोड़ने तक का विचार आ गया था।

फिर से उठने की कहानी 

खुद को संभालते हुए अनुष्मान राठ ने वापसी की। आज वे हांगकांग टीम के बैटिंग लिंचपिन हैं और एशिया कप में नई उम्मीदों के साथ उतरे हैं।