नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए ‘नशा मुक्ति यात्रा’ की शुरुआत फिल्लौर से की गई। इस अभियान में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की गई।
युवा वर्ग पर विशेष ध्यान
यात्रा का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे के जाल से बचाना है। कार्यक्रमों में खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और सेमिनारों के माध्यम से युवाओं को प्रेरित किया जा रहा है।
सरकारी और सामाजिक संगठनों का सहयोग
इस अभियान को सफल बनाने में सरकारी संस्थाओं के साथ-साथ सामाजिक संगठनों ने भी अहम भूमिका निभाई। मिलकर नशा-मुक्त समाज की ओर कदम बढ़ाए जा रहे हैं।
ग्रामीण इलाकों में जागरूकता
नशे का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिलता है। इस यात्रा में गांव-गांव जाकर लोगों को इसके खतरों और नशामुक्त जीवन के फायदों के बारे में बताया जा रहा है।
भविष्य के लिए संकल्प
यात्रा का लक्ष्य केवल जागरूकता ही नहीं बल्कि स्थायी समाधान खोजना भी है। लोगों से अपील की गई कि वे नशामुक्त समाज बनाने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।