द्विपक्षीय वार्ता की रूपरेखा

आज विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और उनके रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव मॉस्को में मिलेंगे। यह मुलाकात दोनों राष्ट्रों की विशेष सामरिक साझेदारी को और गहराई देने की दिशा में है।

आर्थिक आत्मनिर्भरता और बहुराष्ट्रीय सहयोग 

उनकी बातचीत आर्थिक लचीलापन और बहुध्रुवीय सहयोग (multipolar cooperation) को बढ़ावा देने पर केंद्रित रहेगी।

मौजूदा व्यापार असंतुलन पर चिंता 

इस दौरान जयशंकर ने रूस के साथ व्यापारिक असंतुलन ($58.9 अरब) का उल्लेख किया, जो मुख्यतः रूस से तेल आयात के कारण बना है।

व्यापक बहुआयामी संवाद 

जयशंकर और लावरोव केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि राजनीतिक, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों जैसे कि संयुक्त राष्ट्र, BRICS, SCO व अन्य बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा करेंगे।

भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाना 

यह बैठक 19-21 अगस्त, 2025 की तीन दिवसीय रूस यात्रा के दौरान हो रही है