किसानों का विरोध
किसान संगठन ड्राफ्ट इलेक्ट्रिसिटी (संशोधन) बिल 2025 का विरोध कर रहे हैं क्योंकि वो इसे बिजली का पूरी तरह निजीकरण मानते हैं।
बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों की हड़ताल
बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने केंद्र सरकार के प्रस्तावित निजीकरण के ख़िलाफ़ आम हड़ताल की तैयारी की है।
टैरिफ वृद्धि का डर
यूनियन का दावा है कि निजीकरण के बाद बिजली का बिल बढ़ने की वजह से आम लोगों और किसानों को भारी बोझ उठाना पड़ सकता है।
केंद्र-राज्य केंद्रित नीतिगत विवाद
किसान संगठन कह रहे हैं कि यह विधेयक राज्यों की सत्ता को कमजोर कर केंद्र की शक्ति बढ़ाएगा।
व्यापक समर्थन के साथ संयुक्त विरोध रणनीति
किसान, ट्रेड यूनियन और बिजली कर्मचारियों ने मिलकर एक संयुक्त आंदोलन की रूपरेखा तैयार की है ताकि बिल को वापस कराया जाए।