गट माइक्रोबायोम: आपके अंदर की दुनिया 

गट हेल्थ अब केवल पाचन की बात नहीं रही। माइक्रोबायोम सीधे प्रतिरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और चयापचय से जुड़ा है। 

जीन + पोषण = आपकी सही डायट 

अब ‘एक साइज़ सबको’ डायट नहीं चलता। DNA जांच और माइक्रोबायोम एनालिसिस से व्यक्तिगत पोषण योजनाएँ बन रही हैं। 

हार्मोन प्रबंधन: स्त्री-पुरुष दोनों के लिए 

हार्मोनल असंतुलन जैसे थायरॉयड, एड्रेनल स्टै्रेस और मेनोपॉज़ अब पूरी-जानकारी व जीवनशैली के महत्व के साथ देखे जा रहे हैं। 

सिर्फ शरीर नहीं—मन और सामाजिक भागीदारी भी 

योग, मेडिटेशन, सोशल सपोर्ट और जीवनशैली का योग—स्वास्थ्य अब पूरी तरह ‘लाइफस्टाइल’ बन गया है। 

होलिस्टिक हेल्थ की राह आसान नहीं लेकिन संभावनाओं से भरी 

फास्ट-फिक्स नहीं मिलते। गट हेल्थ या जीन आधारित डायट में सही जानकारी, शोध व सतत अभ्यास अहम हैं। सफलता के लिए समझ और धैर्य जरूरी।