Water hyacinth एक तेज़ी से बढ़ने वाली जलीय पौधा है जो तालाब, झील और नदियों की सतह को पूरी तरह से ढक देता है। इससे पानी का बहाव रुकता है, मछलियाँ मरती हैं, और मच्छर-जनित बीमारियाँ बढ़ती हैं।
जीवन और पर्यावरण पर असर
जलजीवों और पौधों की ऑक्सिजन कमी के कारण मछलियाँ प्रभावित होती हैं; मछुआरों की आजीविका ठप होती है। मच्छर-जनित बीमारियाँ और पर्यटन-क्षेत्रों की छवि भी प्रभावित होती है।
साफ-सफाई अभियान और सुधार कार्य
मुंबई के Powai Lake में 1,450 टन झाड़ू हटाया गया; Nagpur में firefighters प्रयोग हो रहे हैं। सरकारी स्वच्छता कार्य, सेप्टिक टैंकों का निवारण, STP निर्माण आदि शामिल हैं।
प्रकृति और नवाचार से समाधान
केरल-के कॉलेजों ने Fusarium fungus का उपयोग किया है; झाड़ू से हस्त-शिल्प, जैव-उर्वरक, बायोगैस आदि बन रहे हैं। Eco Thozhi जैसी महिला समूहों द्वारा उपयोगी उत्पाद बनाये जा रहे हैं।
टिकाऊ समाधान और नीति-निर्माण
मल्टी-लेवल नीति की ज़रूरत है — स्वच्छता, STP निर्माण, जैव-नियंत्रण, स्थानीय सहभागिता। जनता से सुझाव लिए जा रहे हैं, इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस होगी। मिलकर ही समस्या स्थायी रूप से हल होगी।