High-speed ट्रेनों में अक्सर सिग्नल टूटते हैं, टॉवर बदलते समय ड्रोप होता है। यात्रियों को बातचीत, इंटरनेट में दिक्कत होती है।
नया एंटेना सिस्टम और RIS
MNNIT-प्रयागराज के वैज्ञानिकों ने एक नया एंटेना prototype तैयार किया है। साथ ही RIS (Reconfigurable Intelligent Surface) बना रहे हैं जो सिग्नल को स्मार्ट तरीके से प्रतिबिंबित करेगा।
प्रोटोटाइप परीक्षण और अनुदान
Prototype टेस्टिंग सफल हुई है। UP Council of Science & Technology ने ₹14.5 लाख अनुदान दिया। निष्कर्ष Physica Scripta जर्नल में प्रकाशित।
भविष्य की तैयारियाँ और लाभ
यह सिस्टम 5G और 6G नेटवर्क के लिए उपयुक्त है। ट्रेन में यात्रा करते समय बेहतर इंटरनेट, कम कॉल ड्रॉप्स, बेहतर वीडियो कॉलिंग अनुभव।
चुनौतियाँ और आगे की राह
RIS को पूरा करना बाकी है, commercialization होना है। लागत, इंस्टॉलेशन, स्थल चयन जैसे पहलू ध्यान देने योग्य। जनता को कब मिलेगा यह समाधान अभी तय नहीं।