Reliance, Mahindra, Vedanta जैसे उद्योग अब GenAI को सिर्फ अनुभव नहीं, कारोबार बदलने वाले हथियार की तरह अपनाने लगे हैं।
कैसे बड़े उद्योग GenAI लगा रहे हैं?
Reliance ने “Reliance Intelligence” की स्थापना की—Google और Meta के साथ मिल कर AI टेलीकॉम, रिटेल, ऊर्जा व वित्त में लागू होगा। Mahindra.AI ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट और हॉस्पिटैलिटी में काम कर रहा है।
कितनी राशि लग रही है?
Godrej Enterprises अगले 3-5 वर्षों में ₹1,200 करोड़ का GenAI-निवेश करेगा। Vedanta $5 करोड़ की सस्टेनेबिलिटी पहल में AI शामिल कर रही है।
IT सेक्टर को मिलेगा कितना डिजिटल बढ़ावा?
EY की रिपोर्ट के अनुसार, GenAI से भारत की सॉफ़्टवेयर इंडस्ट्री में अगले पांच वर्षों में 43-45% तक उत्पादन (productivity) बढ़ने की उम्मीद है।
GenAI से काम के तरीके बदलेंगे
2030 तक लगभग 3.8 करोड़ नौकरियाँ प्रभावित होंगी। कुछ कार्य पूरी तरह ऑटोमेट होंगे, जबकि कई को AI बढ़ावा देगा।
सिर्फ़ उम्मीद नहीं, चुनौतियाँ भी हैं
डेटा तैयारी कम है, AI कौशल वाले लोग कम हैं। 15% से कम कंपनियाँ ही GenAI को उत्पादन स्तर पर ला पायी हैं। ROI मापना भी आसान नहीं है।
अगला चरण: GenAI कितना आगे ले जाएगा India को?
GenAI सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं — यह भारतीय उद्योगों की रणनीति बन चुका है। In-house AI टीमें, scale-up प्रोजेक्ट्स और नीति-निर्माण से आगे की लहर आएगी।