जलवायु परिवर्तन का असर

बढ़ती गर्मी, सूखा और बाढ़ जैसी घटनाएँ कृषि उत्पादन को प्रभावित कर रही हैं।

खाद्यान्न की कमी 

मौसम की अनिश्चितता के कारण प्याज़, चावल और कोको जैसे उत्पादों की पैदावार घट रही है।

खाद्यान्न की कमी 

उत्पादन घटने से वैश्विक स्तर पर खाद्य वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।

गरीब वर्ग पर बोझ 

कम आय वाले परिवार महंगे और पोषक आहार की बजाय सस्ता व कम पौष्टिक भोजन खरीदने पर मजबूर हैं।

पोषण संकट की आशंका 

विशेषज्ञों का कहना है कि “जलवायु मुद्रास्फीति” से भविष्य में कुपोषण और भूख की समस्या और बढ़ सकती है।